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Updated: 9 hours 9 min ago

पपीते के बीज के फायदे

Mon, 07/09/2018 - 05:47

1 लीवर को साफ करने में मदद करता है पपीते का बीज
लीवर हमारे शरीर में सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है क्योंकि इसका कार्य कई रोगों को रोकने के लिए विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर करना है। अगर आपका लीवर खराब हो गया, तो आपको कई तरह के बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। पपीपे के बीज आपके लिए एक बेहतर सहयोगी हो सकते हैं, खासकर लीवर सिरोसिस की समस्या में इसे सही माना जाता है।

#2 किडनी की सुरक्षा
पपीते के बीज खाने से किडनी की समस्याओं को रोकने में मदद मिलती है। इसके बीज किडनी के लिए भी बेहद लाभकारी होते हैं। किडनी स्टोन और किडनी के ठीक तरीके से क्रियान्वयन में पपीते के बीज का सेवन बहुत ही गुणकारी माना जाता है। जब आप पहले से ही इस समस्या से पीड़ित हैं तब भी यह उपचार में मदद करता है।

#3 कैंसर बीमारी में करता है रक्षा
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में पपीते का बीज आपको प्रोटेक्ट करता है। पपीते के बीजों में आइसोथायोसायनेट नाम का एक तत्व पाया जाता है जो कैंसर के इलाज और बचाव में बहुत लाभदायक है। कैंसर से बचने के लिए पपीते के सुखाए गए बीजों को पीसकर प्रयोग किया जा सकता है।

#4 आंतों के स्वास्थ्य में सुधार
पपीते के बीज का सेवन करने से आंतों के स्वास्थ्य में सुधार आता है। इसके अलावा पपीते के बीज में एंटी बैक्टीरियल एंटी इफ्लेमेंटरी गुण होते हैं, जो पाचन स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। पाचन शक्ति के लिए पपीते के बीज रामबाण इलाज है। इसके सेवन से पाचन तंत्र ठीक रहता है, और पाचन संबंधी सारी समस्याएं खत्म हो जाती है।

#5 वायरल बुखार में कारगर
पपीते के बीज में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रामक बीमारियों में आपकी रक्षा करता है। इसके नियमित सेवन से वायरल बुखार होने की आशंका कम हो जाती है।

#6 शरीर की गंदगी निकालें पपीते का बीज
पपीते का बीज के सेवन करने से न केवल शरीर में चर्बी नहीं जमती बल्कि शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। यह शरीर की गंदगी हटाने में आपकी मदद करता है।

#7 शरीर में सूजन को खत्म करे पपीते का बीज
त्वचा में जलन होने पर आप पपीतों के बीज इस्तेमाल कर सकते हैं, यह आपको फायदा देगा। इसके अलावा शरीर के किसी अंग में सूजन होने पर भी पपीते के बीज बहुत ही लाभकारी रहता है।

पपीते के बीज के नुकसान
गर्भवती महिला को पपीते के बीज को नहीं खाना चाहिए। इससे गर्भपात होने का खतरा रहता है। इसके अलावा छोटे बच्चों को पपीते के बीज नहीं खिलाना चाहिए और कोशिश करें कि इसे संतुलित मात्रा में सेवन करें।

सेंधा नमक के फायदे

Sun, 07/08/2018 - 06:00

पाचन समस्याओं के लिए फायदेमंद सेंधा नमक
सेंधा नमक का उपयोग पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इसका सेवन करने से आँतों और पेट से गैस बाहर निकलती है। इसके साथ ही इससे भूख संबंधी समस्या भी दूर होती है। सेंधा नमक पेट की गैस के उत्पादन को कम करने में सहायक होता है। इसके साथ ही यह सीने की जलन को भी कम करता है।

वजन कम करे सेंधा नमक
सेंधा नमक वसा को जलाता है यह शरीर के चयापचय को बेहतर बनाता है और खाने की तृष्णा को रोकता है। सेंधा नमक में कुछ ऐसे खनिज लवण मौजूद होते हैं जो वसा को नष्ट करने में सहायक होते हैं। इसलिए वजन कम करने के लिए यह एक कारगर घरेलू उपाय है।

दांतों के लिए कारगर सेंधा नमक
सेंधा नमक दांतों के लिए बहुत उपयोग होता है। इसका इस्तेमाल दांतों पर करने से दांत चमकदार और मजबूत बनते हैं। इसके अलावा इसका इस्तेमाल मुंह की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए भी किया जाता है।

गले के लिए उपयोगी है सेंधा नमक
सेंधा नकम ले लाभों में एक लाभ यह है कि यह गले में खराश, गले की सूजन, गले की दर्द, सूखी खांसी और टॉन्सिल में लाभकारी होता है।

रक्तचाप में सेंधा नमक के लाभ
इस बात की सभी जानते हैं कि नमक रक्तचाप को बढाने के काम आता है। ऐसे में आप सेंधा नमक का उपयोग कर सकते हैं। एक गिलास पानी में आधा चम्मच सेंधा नमक मिलाकर पीने से आपको रक्तचाप में फायदा प्राप्त होगा। इसका सेवन आप दिन में दो बार सकते हैं।

त्वचा के लिए स्क्रब काम करे सेंधा नमक
सेंधा नमक त्वचा के लिए स्क्रब का कार्य करता है। इससे आपकी मृत त्वचा में चमक आ जाती है। इसे पैरों और हाथों पर रगड़ने से त्वचा साफ़ हो जाती है।

सेंधा नमक का उपयोग पानी पूरी, मसाला पूरी जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों में किया जाता है। कई लोग अपने घरों में साधारण के स्थान पर सेंधा नमक का उपयोग करते हैं।

सेंधा नमक सांस संबंधी बीमारी के लिए
सेंधा नमक सांस संबंधी बिमारी में बहुत ही उपयोगी होता है।

मांसपेशियों के ऐठन में सेंधा नमक के लाभ
सेंधा नमक मांसपेशियों के ऐठन में काबू पा लेता है। मांसपेशियों की ऐंठन से पीड़ित लोगों को एक गिलास पानी में सेंधा नमक मिलाकर देना चाहिए। जब वो इस पानी का सेवन कर लेते हैं तभी कुछ समय के पश्चात उन्हें राहत का एहसास होता है।

नीम का पेड़ अनेक रोगों में फायदेमंद माना गया है।

Sat, 07/07/2018 - 05:47

नीम का पेड़ अनेक रोगों में फायदेमंद माना गया है। नीम में इतने गुण हैं कि ये कई तरह के रोगों के इलाज में काम आता है। यहाँ तक कि इसको भारत में ‘गांव का दवाखाना’ कहा जाता है। यह अपने औषधीय गुणों की वजह से आयुर्वेदिक मेडिसिन में पिछले चार हजार सालों से भी ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहा है। नीम को संस्कृत में ‘अरिष्ट’ भी कहा जाता है, जिसका मतलब होता है, ‘श्रेष्ठ, पूर्ण और कभी खराब न होने वाला।’

 

नीम के अर्क में मधुमेह यानी डायबिटिज, बैक्टिरिया और वायरस से लड़ने के गुण पाए जाते हैं। नीम के तने, जड़, छाल और कच्चे फलों में शक्ति-वर्धक और मियादी रोगों से लड़ने का गुण भी पाया जाता है। इसकी छाल खासतौर पर मलेरिया और त्वचा संबंधी रोगों में बहुत उपयोगी होती है।

 

नीम के पत्ते भारत से बाहर 34 देशों को निर्यात किए जाते हैं। इसके पत्तों में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ने वाले गुण मुंहासे, छाले, खाज-खुजली, एक्जिमा वगैरह को दूर करने में मदद करते हैं। इसका अर्क मधुमेह, कैंसर, हृदयरोग, हर्पीस, एलर्जी, अल्सर, हिपेटाइटिस (पीलिया) वगैरह के इलाज में भी मदद करता है।

 

इसकी पत्तियों का सेवन करने से कई रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है।

टमाटर के चमत्कारी लाभ

Fri, 07/06/2018 - 05:46

   टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस व विटामिन सी पाये जाते हैं। एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढ़ाने से यह शिकायत दूर हो जाती है हालाँकि टमाटर का स्वाद खट्टा होता है, लेकिन यह शरीर में क्षारीय (खारी) प्रतिक्रियाओं को जन्म देता है। लाल-लाल टमाटर देखने में सुन्दर और खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक होते हैं। इसके खट्टे स्वाद का कारण यह है कि इसमें साइट्रिक एसिड और मैलिक एसिड पाया जाता है जिसके कारण यह प्रत्यम्ल (एंटासिड) के रूप में काम करता है। टमाटर में विटामिन 'ए' काफी मात्रा में पाया जाता है। यह आँखों के लिये बहुत लाभकारी है

टमाटर को लाल रंग देने वाला तत्व लाइकोपीन, जो सेहत के लिए फायदों से भरा है, कच्चे टमाटर से अधिक पकने के बाद प्रभावी होता है। यूं तो टमाटर हर मौसम में फायदेमंद है लेकिन टमाटर त्वचा के लिए भी काफी लाभकारी है। यह झुर्रियों को कम करता है और रोम छिद्रों को बड़ा करता है।

डायबिटीज रोगियों के लिए टमाटर खाना बहुत फायदेमंद होता है। हर रोज एक खीरा और एक टमाटर खाने से डायबिटीज रोगी को लाभ मिलता है। टमाटर आंखों व पेशाब संबंधी रोगों के लिए भी फायदेमंद है। टमाटर खाने से लीवर और किडनी की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। हर रोज टमाटर का सूप पीने से लीवर और किडनी को फायदा होता है।

 

बालों और त्वचा के लिए जरूरी विटामिन

Thu, 07/05/2018 - 11:46

 ● विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं। ये न केवल हमारी सेहत के लिए जरूरी हैं, बल्कि ये हमारी खूबसूरती बनाए रखने में भी काफी मददगार होते हैं। आइये जानें कौन से विटामिन हमारी त्‍वचा और बालों की सुंदरता को बनाये रखने में अहम होते हैं।
● खूबसूरत, कोमल त्वचा और लंबे, घने बालों की चाहत किसे नहीं होती। और इसके लिए आप कई प्रकार के उपाय भी करते हैं। परन्‍तु इसके लिए आपको ऊपरी खूबसूरती के साथ-साथ अंदर से भी खूबसूरत होना होगा। आपका स्वास्‍थ्‍य अच्छा होगा तभी आप खूबसूरत दिखेंगी। और यह तभी संभव है जब आप पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करेंगी। इन पोषक तत्‍वों में विटामिन भी शामिल है।
● त्‍वचा को खूबसूरत, जवां और बालों को चमकदार और लंबा बनाने के लिए विटामिनों की भी जरूरत होती हैं। विटामिन की कमी के कारण बाल शुष्क और कमजोर हो जाते हैं। और त्‍वचा अपनी नमी खो देती है। नतीजा होता है, बालों और त्‍वचा की समस्याएं जैसे- रूखी, बेजान, खुरदरी और झुरियां वाली त्‍वचा साथ ही बाल झड़ना, शुष्क होना, डैंड्रफ, होना इत्यादि।
किसी भी आयु वर्ग के लोग विटामिनों का प्रयोग कर सकते हैं। सही तरीके से विटामिनों के इस्तेमाल से त्वचा की झुर्रियों, पिंपल्स, एक्ने और दाग-धब्बों के साथ-साथ बालों की समस्याओं से भी छुटकारा पा सकते हैं।
कई शोध ये साबित कर चुके हैं कि बालों और त्‍वचा के स्‍वास्‍थ्‍य व सुंदरता के लिए विटामिन- ए, बी, बी-कॉम्‍पलेक्‍स, सी, डी, ई की आवश्यकता पड़ती है। आइए हम आपको बताते है कि कौन-कौन से ऐसे विटामिंस हैं जिनका उपयोग कर आप अपनी त्‍वचा और बालों को सुधार सकते हैं।
》 बालों और त्वचा के लिए जरूरी विटामिन
1) विटामिन 'ए' :- 
विटामिन 'ए' बालों के लिए महत्वपूर्ण है। बालों को घना, लंबा और मुलायम बनाने के लिए भी विटामिन 'ए' खास है। इसके नियमित इस्‍तेमाल से बालों की चम‍क भी बढ़ती है। विटामिन-'ए' हमारी अच्छी त्वचा के लिए भी जरूरी है। विटामिन ‘ए’ त्वचा में आए ढीलेपन में कसाव लाता है। त्वचा को टूटने से बचाता है और झुर्रियों को दूर रखता है। विटामिन ‘ए’ के सेवन से त्वचा कोमल बनी रहती है। विटामिन-ए सबसे अधिक गाजर और दूध में मिलता है। परन्‍तु एक चीज ध्‍यान रखने योग्‍य है कि विटामिन 'ए' का जरूरत से ज्यादा मात्रा में सेवन गंजापन लाता है।
2) विटामिन 'ई' :- 
विटामिन 'ई' एक घुलनशील विटामिन है। इसमें पर्याप्‍त मात्रा में नमी होती है। यह नमी त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद होती है। विटामिन 'ई' एक एंटी-ऑक्सीडेंट है, जो शरीर की मूलभूल जरूरतों को पूरा करता है। विटामिन 'ई' की मदद से आप त्वचा पर पड़ने वाली झुर्रियों से काफी हद तक छुटकारा पा सकते हैं। यानी आपकी बढ़ती उम्र को पीछे धकेलने में भी विटामिन 'ई' मददगार साबित होता है। विटामिन 'ई' रूखी, बेजान और खूरदूरी त्‍वचा को स्‍मूद बनाता है। त्‍वचा के अंदर रिपे‍यरिंग करने की इसमें अद्भुत क्षमता होती है। विटामिन 'ई' से बाल तेजी से बढ़ते हैं। यह विटामिन शरीर के सेक्स हार्मोन एंड्रोजन को उत्प्रेरित करता है, जो बालों को सुंदर, घना, चमकदार बनाने में मदद करता है। विटामिन 'ई' सी फूड, शाक-सब्जियों, अं‍कुरित अनाज, बिनोले, एवोकैडो, मेवे व राजमा, फ्लेक्‍स सीड (अलसी), सोयाबीन और लो‍बिया में पाया जाता है।
3) विटामिन 'बी' :- 
बी कॉम्पलेक्स की कमी के कारण बाल झड़ने और कमजोर होने लगते हैं। इसलिए विटामिन-बी लेना जरूरी होता है। बालों की चमक को बनाए रखने और सफेद होने से बचाने के लिए विटामिन बी कॉम्पलेक्स अच्छा रहता है। विटामिन-बी12 और बायोटिन भी बालों की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं, लेकिन इसे शरीर खुद नहीं बना सकता। इसके लिए उसे भोजन पर निर्भर रहना पड़ता है। विटामिन बी त्‍वचा में चमक बनाने में मदद करता हैं। इससे त्‍वचा में नमी बनी रहती है। अंडे और चिकन से विटामिन-बी12 की भरपूर मात्रा में होता है। बादाम, टमाटर, प्याज और ओट्स खाने से बायोटिन का संतुलन बना रहता है।
4) विटामिन 'सी' :- 
विटामिन 'सी' त्वचा में कोलेजन बनाने में मदद करता है। ये आपकी त्वचा को लचीला बनाए रखने में मदद करता है। विटामिन-सी की कमी से त्‍वचा समय से पहले लटकने लगती है। बालों को शुष्क होने से बचाने के लिए विटामिन 'सी' अच्छा रहता है। यानी विटामिन 'सी' बालों के रूखेपन को दूर करता है। शरीर में विटामिन 'सी' की कमी हो जाने से बालों में रूखापन आ जाता है। सिर की त्वचा पर सूखी पपड़ी जम जाती है, जिससे बालों की जड़ें कमजोर होती हैं और बाल गिरने लगते हैं। इस विटामिन से सिर में रक्त-संचार बढ़ता है। विटामिन 'सी' अमरूद, टमाटर, सिट्रस फ्रुट्स, पपिता, लाल और पीली मिर्च भरपूर पर्याप्त मात्रा में होता है।
5) विटामिन 'डी' :- 
बालों को स्वस्थ, हेल्दी, घना और लंबा बने रहने के लिए विटामिन 'डी' की भी आवश्‍यकता होती है। ये बालों को गिरने से रोकता है। असल में विटामिन 'डी' बालों को बढ़ने में काफी मददगार साबित होता है। यह अपने आप में आयरन और कैल्शियम को अवशोषित लेता है। आयरन की कमी भी बालों के गिरने की वजह होती है। विटामिन डी के लिए रोजाना कुछ देर के लिए सुबह-सुबह की हल्की धूप में घूमें। विटामिन डी की पूर्ति के लिए अंडे, अंडे का पीला भाग, मछली और दूध का सेवन करें।
6) विटामिन 'के' :- 
विटामिन 'के' का उपयोग त्‍वचा के लिए कई प्रकार से लाभकारी हैं। विटामिन 'के' त्‍वचा के काले धब्‍बे और आंखों के आस पास के काले घेरे को दूर करता है। साथ ही यह त्‍वचा की इलास्टिसिटी में सुधार कर सकता हैं। इसके अलावा, यह विटामिन त्वचा के घाव और चोट के निशान दूर करने में मदद करता हैं। विटामिन बालों को भी स्वस्थ रखता है। गाजर, पालक, हरी पत्तेदार सब्जियों में यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
इस प्रकार से हम कह सकते है कि विटामिन सिर्फ सेहत के लिए ही नहीं बल्कि त्वचा और और बालों के लिए भी लाभदायक हैं। इसलिए विटामिन युक्त खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करें।
 

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अजवाइन खाने से दूर होती है किडनी की स्‍टोन

Wed, 07/04/2018 - 06:00

  आपने अपने घरों की रसोईं में अनेकों प्रकार के मसाले देखे होगें। उन्‍हीं में से एक है अजवाइन जिसका नाम हर किसी ने सुना और देखा होगा। क्‍या आपको पता है यह केवल एक किस्‍म का मसाला ही नहीं बल्कि एक ऐसी औषधि भी है जिसके प्रयोग से आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर अच्‍छे प्रभाव पड सकते हैं। क्‍या आपको पता है कि इसके नियमित सेवन से किडनी में स्‍टोन की बीमारी भी ठीक हो सकती है। इसलिए आज हम आपको बताएगें की कसके खाने से आपको क्‍या फायदा हो सकता है। क्‍या हैं इसके फायदे-
1. पाचन से संबधित कोई भी समस्‍या क्‍यों ना हो अजवाइन इसको ठीक करने में बहुत मददगार होता है। यह एक प्रकार का एंटी एसिड है जो आपको बदहज़मी से बचाएगा। इसको मठ्ठे या छाछ के साथ मिला कर पीने से राहत मिलेगी।

2. ठंडी में नज़ले से परेशान लोग आजवाइन को अच्‍छी तरह से चबा कर गरम पानी के साथ निगल लें। अगर इसको गुण के साथ दो चम्‍मच सुबह और शाम मिक्‍स कर के खाया जाए तो यह दमा और ब्रोंकाइटिस के मरीज़ों के लिए भी फायदेमंद होगा।

3. किसी प्रकार का दर्द चाहे वह दिल, सिर या फिर कान का ही क्‍यों न हो अजवाईन के प्रयोग से काफी कम हो जाता है। कान में दर्द से राहत पाने के लिए इसके तेल का प्रयोग करें वही दिल और सिर दर्द के लिए इसको गरम पानी के साथ खाएं।
4. गठिया और जोड़ों के रोगियों के लिए अजवाईन के तेल से मालिश करनी चाहिए।
5. अधिक शराब पी लेने से अगर व्‍यक्ति को उल्‍टियां आ रहीं हो तो उसे अजवाईन खिलाना बेहतर होगा। इससे उसको आराम मिलेगा और भूंख भी अच्‍छी तरह से लगेगी।

6. मुंह से दुर्गंध आना और मुंह में छाले होना या फिर दांत में दर्द होना यह सभी रोगों से आपको मुक्‍ती मिल जाएगी अगर आप हर रात खाना खाने के बाद इसका सेवन माउथ फ्रेशनर के रुप में करते हैं तो। दांत दर्द के लिए इसको अच्‍छी तरह पानी में उबाल कर फिर इसी के पानी से गरारे या कुल्ला करें।
7. यह ऐसिडिटी की समस्‍या से भी राहत दिलाने में कारगर है। थोडा सा जीरा और अजवाईन एक साथ भून लीजिए और फिर मिश्रण को पानी में उबाल कर छान लीजिए उसके बाद इसमें चीनी मिला कर खाएं। इससे आपके ऐसिडिटी की समस्‍या में राहत मिलेगी।
8. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अजवाइन जरुर खानी चाहिए क्‍योंकि इससे ना सिर्फ खून साफ रहता है बल्कि यह पूरे शरीर में रक्त के प्रवाह को संचालित भी करता है।
 

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घर में ही हो जाता है पथरी का इलाज

Tue, 07/03/2018 - 06:00

किडनी में स्‍टोन यूरीन सिस्टम का एक रोग है जिसमें किडनी के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं बन जाती हैं. आमतौर पर यह ये पथरियां यूरीन के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाती है. बहुत से ऐसे घरेलू उपाय है जिनको अपनाकर इनसे निजात पाई जा सकती है. आइए जाने ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में.

पानी : ज्यादा पानी पीएं. एक दिन में कम से कम दो से तीन लीटर पानी पीएं. शरीर में पानी की कमी होने से गुर्दे में पानी कम छनता है. पानी कम छनने से शरीर में मौजूद कैल्शियम, यूरिक एसिड और दूसरे पथरी बनाने वाले तत्व गुर्दे में फंस जाते हैं जो बाद में धीरे-धीरे पथरी बन जाते हैं. जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है.

करेला: करेला वैसे तो बहुत कड़वा होता है और आमतौर पर लोग इसे कम पसंद करते है. परन्‍तु पथरी में यह रामबाण की तरह काम करता है. करेले में मैग्‍नीशियम और फॉस्‍फोरस नामक तत्‍व होते हैं, जो पथरी को बनने से रोकते हैं.

अंगूर: अंगूर में एल्ब्यूमिन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में होता हैं, इसलिए किडनी में स्‍टोन के उपचार के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है. साथ ही अंगूर प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में उत्कृष्ट रूप में कार्य करता है क्योंकि इनमें पोटेशियम नमक और पानी भरपूर मात्रा में होते हैं.

केला: पथरी की समस्‍या से निपटने के लिए केला खाना चाहिए क्‍योंकि इसमें विटामिन बी 6 होता है. विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता और तोड़ता है. साथ ही विटामिन बी-6, विटामिन बी के अन्य विटामिन के साथ सेवन करना किडनी में स्‍टोन के इलाज में काफी मददगार होता है. एक शोध के मुताबिक विटामिन-बी की 100 से 150 मिलीग्राम दैनिक खुराक गुर्दे की पथरी की चिकित्सीय उपचार में बहुत फायदेमंद हो सकता है.

नींबू का रस और जैतून का तेल: नींबू का रस और जैतून के तेल का मिश्रण, गुर्दे की पथरी के लिए सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपचार में से एक है. पत्‍थरी का पहला लक्षण होता है दर्द का होना. दर्द होने पर 60 मिली लीटर नींबू के रस में उतनी ही मात्रा में आर्गेनिक जैतून का तेल मिला कर सेवन करने से आराम मिलता है. नींबू का रस और जैतून का तेल पूरे स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहता है और आसानी से उपलब्ध भी हो जाता हैं.

बथुए का साग: किडनी में स्‍टोन को निकालने में बथुए का साग बहुत ही कारगर होता है. इसके लिए आप आधा किलो बथुए के साग को उबाल कर छान लें. अब इस पानी में जरा सी काली मिर्च, जीरा और हल्‍का सा सेंधा नमक मिलाकर, दिन में चार बार पीने से बहुत ही फायदा होता है.

प्‍याज: प्‍याज में पथरी नाशक तत्‍व होते है इसका प्रयोग कर आप किडनी में स्‍टोन से निजात पा सकते है. लगभग 70 ग्राम प्‍याज को पीसकर और उसका रस निकाल कर पियें. सुबह खाली पेट प्‍याज के रस का नियमित सेवन करने से पथरी छोटे-छोटे टुकडे होकर निकल जाती है.

अजवाइन: अजवाइन एक महान यूरीन ऐक्ट्यूऐटर है और किडनी के लिए टॉनिक के रूप में काम करता है. किडनी में स्‍टोन के गठन को रोकने के लिए अजवाइन का इस्‍तेमाल मसाले के रूप में या चाय में नियमित रूप से किया जा सकता है.

गाजर: गाजर में पायरोफॉस्फेट अम्ल पाया जाता हैं जो किडनी में स्‍टोन बनने की प्रक्रिया को रोकता है. साथ ही गाजर में पाया जाने वाला केरोटिन यूरीन की आंतरिक दीवारों को टूटने-फूटने से भी बचाता है.

तुलसी: तुलसी की चाय समग्र किडनी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही सफल प्राकृतिक उपचार है. यह किडनी में स्‍टोन के उपचार के लिए एक आदर्श समाधान है. शुद्ध तुलसी का रस लेने से पथरी को यूरीन के रास्‍ते निकलने में मदद मिलती है. कम से कम एक म‍हीना तुलसी के पतों के रस के साथ शहद लेने से आप प्रभाव महसूस कर सकते है. साथ ही आप तुलसी के कुछ ताजे पत्तों को रोजाना चबा भी सकते हैं.

अनार का रस: अनार का रस किडनी में स्‍टोन के खिलाफ एक बहुत ही अद्भुत और सरल घरेलू उपाय है. अनार के कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के अलावा इसके बीज और रस में खट्टेपन और कसैले गुण के कारण इसे किडनी में स्‍टोन के लिए एक और प्राकृतिक उपाय के रूप में माना जाता है.

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दमा व श्वास का घरेलू उपचार

Mon, 07/02/2018 - 06:00

एक पका केला छिला लेकर चाकू से लम्बाई में चीरा लगाकर उसमें एक छोटा चम्मच दो ग्राम कपड़छान की हुई काली मिर्च भर दें । फिर उसे बगैर छीलेही, केले के वृक्ष के पत्ते में अच्छी तरह लपेट कर डोरे से बांध कर 2-3 घंटे रख दें । बाद में केले के पत्ते सहित उसे आग में इस प्रकार भूने की उपर का पत्ता जले । ठंडा होने पर केले का छिलका निकालकर केला खा लें ।प्रतिदिन सुबह में केले में काली मिर्च का चूर्ण भरें। और शाम को पकावें । 15-20 दिन में खूब लाभ होगा ।

 

केला के पत्तों को सुखाकर किसी बड़े बर्तन में जला लेवें।  फिर कपड़छान कर लें और इस केले के पत्ते की भरम को एक कांच की साफ शीशी या डिब्बे में रख लें । बस, दवा तैयार है ।

सेवन विधि – एक साल पुराना गुड़ 3 ग्राम चिकनी सुपारी का आधा से थोड़ा कम वनज को2-3 चम्मच पानी में भिगों दें । उसमें 1-4 चौथाई दवा केले के पत्ते की राख डाल दें और पांच-दस मिनट बाद ले लें । दिनभर में सिर्फ एक बार ही दवा लेनी है, कभी भी ले लेवें ।

बच्चे का असाध्य दमा – अमलतास का गूदा 15 ग्राम दो कप पानी में डालकर उबालें चौथाई भाग बचने पर छान लें और सोते समय रोगी को गरम-गरम पिला दें । फेफड़ों में जमा हुआ बलगम शौच मार्ग से निकल जाता है । लगातार तीन दिन लेने से जमा हुआ कफ निकल कर फेफड़े साफ हो जाते है । महीने भर लेने से फेफड़े कर तपेदिक ठीक हो सकती है ।

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