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पपीते के बीज के फायदे

nutriworld - Mon, 07/09/2018 - 05:47

1 लीवर को साफ करने में मदद करता है पपीते का बीज
लीवर हमारे शरीर में सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है क्योंकि इसका कार्य कई रोगों को रोकने के लिए विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर करना है। अगर आपका लीवर खराब हो गया, तो आपको कई तरह के बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। पपीपे के बीज आपके लिए एक बेहतर सहयोगी हो सकते हैं, खासकर लीवर सिरोसिस की समस्या में इसे सही माना जाता है।

#2 किडनी की सुरक्षा
पपीते के बीज खाने से किडनी की समस्याओं को रोकने में मदद मिलती है। इसके बीज किडनी के लिए भी बेहद लाभकारी होते हैं। किडनी स्टोन और किडनी के ठीक तरीके से क्रियान्वयन में पपीते के बीज का सेवन बहुत ही गुणकारी माना जाता है। जब आप पहले से ही इस समस्या से पीड़ित हैं तब भी यह उपचार में मदद करता है।

#3 कैंसर बीमारी में करता है रक्षा
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में पपीते का बीज आपको प्रोटेक्ट करता है। पपीते के बीजों में आइसोथायोसायनेट नाम का एक तत्व पाया जाता है जो कैंसर के इलाज और बचाव में बहुत लाभदायक है। कैंसर से बचने के लिए पपीते के सुखाए गए बीजों को पीसकर प्रयोग किया जा सकता है।

#4 आंतों के स्वास्थ्य में सुधार
पपीते के बीज का सेवन करने से आंतों के स्वास्थ्य में सुधार आता है। इसके अलावा पपीते के बीज में एंटी बैक्टीरियल एंटी इफ्लेमेंटरी गुण होते हैं, जो पाचन स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। पाचन शक्ति के लिए पपीते के बीज रामबाण इलाज है। इसके सेवन से पाचन तंत्र ठीक रहता है, और पाचन संबंधी सारी समस्याएं खत्म हो जाती है।

#5 वायरल बुखार में कारगर
पपीते के बीज में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रामक बीमारियों में आपकी रक्षा करता है। इसके नियमित सेवन से वायरल बुखार होने की आशंका कम हो जाती है।

#6 शरीर की गंदगी निकालें पपीते का बीज
पपीते का बीज के सेवन करने से न केवल शरीर में चर्बी नहीं जमती बल्कि शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। यह शरीर की गंदगी हटाने में आपकी मदद करता है।

#7 शरीर में सूजन को खत्म करे पपीते का बीज
त्वचा में जलन होने पर आप पपीतों के बीज इस्तेमाल कर सकते हैं, यह आपको फायदा देगा। इसके अलावा शरीर के किसी अंग में सूजन होने पर भी पपीते के बीज बहुत ही लाभकारी रहता है।

पपीते के बीज के नुकसान
गर्भवती महिला को पपीते के बीज को नहीं खाना चाहिए। इससे गर्भपात होने का खतरा रहता है। इसके अलावा छोटे बच्चों को पपीते के बीज नहीं खिलाना चाहिए और कोशिश करें कि इसे संतुलित मात्रा में सेवन करें।

सेंधा नमक के फायदे

nutriworld - Sun, 07/08/2018 - 06:00

पाचन समस्याओं के लिए फायदेमंद सेंधा नमक
सेंधा नमक का उपयोग पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इसका सेवन करने से आँतों और पेट से गैस बाहर निकलती है। इसके साथ ही इससे भूख संबंधी समस्या भी दूर होती है। सेंधा नमक पेट की गैस के उत्पादन को कम करने में सहायक होता है। इसके साथ ही यह सीने की जलन को भी कम करता है।

वजन कम करे सेंधा नमक
सेंधा नमक वसा को जलाता है यह शरीर के चयापचय को बेहतर बनाता है और खाने की तृष्णा को रोकता है। सेंधा नमक में कुछ ऐसे खनिज लवण मौजूद होते हैं जो वसा को नष्ट करने में सहायक होते हैं। इसलिए वजन कम करने के लिए यह एक कारगर घरेलू उपाय है।

दांतों के लिए कारगर सेंधा नमक
सेंधा नमक दांतों के लिए बहुत उपयोग होता है। इसका इस्तेमाल दांतों पर करने से दांत चमकदार और मजबूत बनते हैं। इसके अलावा इसका इस्तेमाल मुंह की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए भी किया जाता है।

गले के लिए उपयोगी है सेंधा नमक
सेंधा नकम ले लाभों में एक लाभ यह है कि यह गले में खराश, गले की सूजन, गले की दर्द, सूखी खांसी और टॉन्सिल में लाभकारी होता है।

रक्तचाप में सेंधा नमक के लाभ
इस बात की सभी जानते हैं कि नमक रक्तचाप को बढाने के काम आता है। ऐसे में आप सेंधा नमक का उपयोग कर सकते हैं। एक गिलास पानी में आधा चम्मच सेंधा नमक मिलाकर पीने से आपको रक्तचाप में फायदा प्राप्त होगा। इसका सेवन आप दिन में दो बार सकते हैं।

त्वचा के लिए स्क्रब काम करे सेंधा नमक
सेंधा नमक त्वचा के लिए स्क्रब का कार्य करता है। इससे आपकी मृत त्वचा में चमक आ जाती है। इसे पैरों और हाथों पर रगड़ने से त्वचा साफ़ हो जाती है।

सेंधा नमक का उपयोग पानी पूरी, मसाला पूरी जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों में किया जाता है। कई लोग अपने घरों में साधारण के स्थान पर सेंधा नमक का उपयोग करते हैं।

सेंधा नमक सांस संबंधी बीमारी के लिए
सेंधा नमक सांस संबंधी बिमारी में बहुत ही उपयोगी होता है।

मांसपेशियों के ऐठन में सेंधा नमक के लाभ
सेंधा नमक मांसपेशियों के ऐठन में काबू पा लेता है। मांसपेशियों की ऐंठन से पीड़ित लोगों को एक गिलास पानी में सेंधा नमक मिलाकर देना चाहिए। जब वो इस पानी का सेवन कर लेते हैं तभी कुछ समय के पश्चात उन्हें राहत का एहसास होता है।

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